न्यायालय ने इसे मुकदमे के निस्तारण में विलंब का दोषी माना।
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आयोग ने सूचनाएं उपलब्ध कराने में लोक सूचना अधिकारी को 103 दिन के विलंब का दोषी पाया।
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सरकार का यह मानना है कि जो कंपनियां इस सेवा को आरंभ करने में विलंब का दोषी पाई जाएंगी, उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही होगी।
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राज्य सूचना आयुक्त विनोद नौटियाल ने दोनो खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों को विलंब का दोषी मानते हुए आदेश दिया कि वह अपीलार्थी को 10 दिन के भीतर एक-एक हजार रुपये मुआवजा उपलब्ध कराए और इसकी सूचना आयोग को भी दे।